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मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम कांड में सीबीआई का बड़ा खुलासा

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पटना। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने बयान में कहा कि मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम में किसी लड़की की हत्‍या नहीं हुई। यही नहीं जांच एजेंसी ने कहा किया है कि शेल्‍टर होम से मिले नरकंकाल नाबालिगों के नहीं थे। उसने यह भी कहा कि शेल्‍टर होम से जुड़े सभी 17 मामलों की जांच पूरी हो गई है। अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम में किसी भी लड़की की हत्‍या नहीं हुई। शेल्‍टर होम से जो नर कंकाल मिले हैं, वे नाबालिगों के नहीं हैं। दो कंकाल मिले थे, लेकिन बाद में फरेंसिक जांच में पाया गया कि एक कंकाल आदमी और दूसरा औरत का है। सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न के 17 मामलों में जांच पूरी हो गई है और जिलाधिकारियों सहित संलिप्त सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दायर कर दी गई है।

‘सारी लड़कियां जीवित पाई गईं’
सीबीआई के मुताबिक, जिनकी हत्या का शक जताया गया था वो सारी लड़कियां जीवित पाई गई हैं। वहां से मिली हड्डियां कुछ अन्य वयस्कों की पाई गईं हैं। सीबीआई ने अपनी जांच में यह साफ किया है कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में किसी भी नाबालिग की हत्या नहीं की गई थी। इस केस में सुनवाई जारी फिलहाल जारी है।

‘आपराधिक कृत्य को साबित करने वाला साक्ष्य नहीं’
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी स्थिति रिपोर्ट में जांच एजेंसी ने कहा कि चार प्रारंभिक जांच में किसी आपराधिक कृत्य को साबित करने वाला साक्ष्य नहीं मिला और इसलिए कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। सीबीआई ने स्थिति रिपोर्ट में कहा, ‘सभी 17 आश्रय गृह मामलों में जांच पूरी हो गई है। 13 नियमित मामलों में अंतिम रिपोर्ट सक्षम अदालत को भेजी गई है। चार प्रारंभिक मामलों की जांच पूरी हो गई है और आपराधिक कृत्य को साबित करने वाले साक्ष्य नहीं मिले और इसलिए इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

17 शेल्टर होम केस की छानबीन
कुल 17 शेल्टर होम के मामले की सीबीआई ने छानबीन की है और उनमें से 13 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और चार केसों में प्रारंभिक जांच की गई और पाया गया कि कोई साक्ष्य उसके खिलाफ नहीं हैं। जो चार्जशीट दाखिल की गई है उनमें गया, भागलपुर, पटना , मोतिहारी, कैमूर और अररिया में चार्जशीट हुई है। जांच एजेंसी ने कहा, ‘सभी मामलों में संलिप्त सरकारी सेवकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बिहार के मुख्य सचिव को सीबीआई की रिपोर्ट भेज दी गई है। मुजफ्फरपुर आश्रय गृह समेत सभी 17 आश्रय गृह मामलों की जांच पूरी हो गई है और सक्षम अदालत में अंतिम रिपोर्ट दायर कर दी गई है। सीबीआई रिपोर्ट के रूप में नोट को मुख्य सचिव के पास उपयुक्त कार्रवाई के लिए भेजा गया है।’

‘आश्रय गृह में कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न’
सीबीआई ने यह भी कहा कि बिहार सरकार से आग्रह किया गया है कि विभागीय कार्रवाई करे और सीबीआई के प्रारूप में जांच परिणाम मुहैया कर संबंधित एनजीओ का पंजीकरण रद्द करने और उन्हें काली सूची में डालने के लिए कहा गया है। एजेंसी ने कहा, ‘बालिका गृह मुजफ्फरपुर के एक मामले में सुनवाई पूरी हो गई है और फैसला 14 जनवरी तक सुनाया जाएगा।’ बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में एक एनजीओ की ओर से संचालित आश्रय गृह में कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) की रिपोर्ट के बाद मामला प्रकाश में आया था।

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