Home Interview पॉजिटिव सोच ही है आपके जीवन में खुशियों की चाबी: मधुकर अरोरा

पॉजिटिव सोच ही है आपके जीवन में खुशियों की चाबी: मधुकर अरोरा

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सौम्य स्वभाव, मृदुभाषी व्यक्तित्व और पॉजिटिव सोच से परिपूर्ण 29 मई 1982 को जन्मे मधुकर अरोरा आगरा की उन शख्सियतों में शामिल हैं, जो अपनी सेहत को लेकर फिटनेस आइकॉन के रूप में पहचान रखते हैं। पॉजिटिव सोच को जीवन में खुशियों की चाबी मानने वाले मधुकर कहते हैं कि अपने काम को तनावमुक्त एन्जॉय करते हुए करें। जो कि आपकी सेहत और सफलता के लिए जरूरी है। पेश है टीबीआई 9 की उनसे हुई बातचीत के खास अंश…

दिन की शुरुआत कैसे करते हैं?

सुबह सूर्योदय के साथ जागकर में अपने दिन की शुरुआत करता हूँ। सबसे पहले लगभग आधा लीटर गुनुगुने पानी का सेवन करता हूँ। इसके बाद एक निर्धारित समय तक गार्डन में टहलता हूँ और योग करता हूँ। हाँ एक और बात मैं डेली कम से कम 5 किलीमीटर साइकिलिंग भी करता हूँ। 

आपका डेली लाइफ स्टाइल क्या रहता है?

डेली लाइफ स्टाइल की बात करें तो सबसे पहली बात  कि मैं हमेशा पॉजिटिव थिंकिंग के साथ रहता हूँ। निगेटिविटी से आल्वेज खुद को दूर रखता हूँ। अपने काम और लाइफ दोनों को पूरी तरह एन्जॉय करते हुए तनावमुक्त रहकर जीता हूँ। सुबह योगा करने के बाद निर्धारित समय पर ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर करता हूँ। डाईट में ऑयली चीजों को शामिल नहीं करता। ब्रेकफास्ट में अंकुरित दाल, चने मतलब ऑइल फ्री चीजे लेता हूँ। मैंने अपनी दिनचर्या में हर चीज का टाइम टेबल निर्धारित कर रखा है। जिसके हिसाब से मैं अपने सारे काम करता हूँ।

क्या आप कोई डाईट चार्ट फॉलो करते है?

हाँ, मैं अपने हिसाब से बनाया हुआ डाईट चार्ट फॉलो करता हूँ। डाईट में ऑइली चीजों और रोटी, चावल आदि को पूरी तरह अवॉयड करता हूँ। डाईट में मुझे फ्रूट्स लेना ख़ास पसंद है। हाँ, एक ख़ास बात जरुर बताना चाहूँगा कि दिन में हर दो तीन घंटे बाद आधा लीटर गुनगुना पानी पीता हूँ।

आप लोगों को फिट रहने के लिए क्या सलाह देंगे?

पॉजिटिव थिंकिंग के साथ खुद को हमेशा एक्टिव रखें और खुश रखें। समय निकाल कर नियमित योगा करें। अधिक से अधिक हरे-भरे वातावरण में रहें और वातावरण को हरा-भरा बनाने के लिए पेड़-पौधे लगाकर अपना योगदान भी जरुर करें। क्योंकि पेड़-पौधों से हमें शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।  

आपका फिटनेस मंत्रा क्या है?

नियमित साइकिलिंग और योगा के साथ संतुलित खानपान ही मेरा फिटनेस मंत्रा है।

आप हेल्थ सप्लीमेंट्स में कितना विश्वास रखते हैं?

मैं हेल्थ सप्लीमेंट्स बिल्कुल पसंद नहीं करता। यह कुछ समय के लिए आपकी बॉडी को भले ही आकर्षक बना दें। लेकिन स्थाई रूप से फिट रहने के लिए प्राकृतिक चीजें ही लाभकारी हैं।

आपकी फिटनेस फिलॉशिपी क्या है?

बेलेंस डाईट और पॉजिटिव थिन्किंग ही मेरी फिटनेस फिलॉशिपी है।

आपकी फेवरेट डिश क्या है?

तंदूरी चिकिन मेरी फेवरेट डिश है।

स्वीट डिश में आपका फेवरेट क्या है?

गुलाबजामुन विद आइसक्रीम मेरी फेवरेट डिश है। 

आपकी फेवरेट एक्सरसाइज क्या है?

मैं साइकिलिंग ख़ास पसंद करता हूँ।

क्या कोई फिटनेस चैनल या फिटनेस से सम्बन्धित कोई ख़ास प्रोग्राम देखते हैं?

हाँ, जब मौका मिलता है तो मैं कोई भी फिटनेस का चैनल या प्रोग्राम जरुर देखता हूँ।

फिटनेस के मामले में कोई सीख जो आपको आपके पेरेंट्स से मिली?

हाँ, सुबह जल्दी जागने की सीख मुझे मेरे पेरेंट्स से मिली। वे सुबह प्रतिदिन लगभग 5 बजे जाग जाते हैं। उनकी इस आदत ने मुझे भी प्रेरित किया। प्रतिदिन समय से सोना और समय से जागना, उनकी अच्छी आदत है। मैं चाहता हूँ उनकी इस आदत को पूरी तरह असेप्ट करूं।

फिल्म सेलिब्रिटीज में आपका फिटनेस आइकॉन कौन हैं?

फिटनेस के मामले में मैं सुपरस्टार सलमान खान और जॉन इब्राहिम को अपना आइकॉन मानता हूँ।

नजदीकी लोगों में आपका फिटनेस आइकॉन कौन है?

नजदीकी लोगों में मेरे फादर ही फिटनेस आइकॉन हैं। 

हेल्थ को लेकर कोई पुरानी कहावत जो आपको ख़ास याद आती है?

एक कहावत है जैसा होगा अन्न वैसा होगा मन” मतलब जैसा हमारा खान-पान होता है वैसी ही हमारी सोच बनती है। इसलिए हमेशा संतुलित और पोषक खानपान लें।

आपके नियमित योगा या साइकिलिंग से क्या कोई ख़ास फ़ायदा हुआ जो आप शेयर करना चाहें?

हाँ, निश्चित रूप से मैं बताना चाहूँगा कि प्रतिदिन योगा और साइकिलिंग से मैं पूरे दिन एनर्जेटिक और फ्रेश फील करता हूँ। जिससे मेरे अंदर रेगूलर सकारात्मक विचार आते हैं। जिसकी वजह से मैं अपने कामों को और बेहतर तरीके से अंजाम दे पाता हूँ।  

बच्चे और युवा फ़ास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड को अधिक प्रिफर करते हैं उनको क्या मैसेज देना चाहेंगे?

फ़ास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड की जहाँ तक बात है तो मैं कहूँगा कि आज बच्चे और युवा खाने-पीने को लेकर काफी समझदार हो रहे है। वे खुद ही इनसे परहेज करते हैं। मैं कहना चाहूँगा कि बच्चे अगर महीने या दो महीने में एक बार ऐसी चीजों को खायेंगे तो कोई प्रॉब्लम नहीं, मगर रेगुलर ये हानिकारक हैं।

साथी युवाओं के लिए और क्या मैसेज देना चाहेंगे?

सुबह जल्दी जागें और कुछ समय अपने शरीर के लिए दें। नियमित रूप से योगा करें। खान-पान का भी ध्यान रखें।

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