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हर 5 में से 1 व्यक्ति को है ‘हे फीवर’, जानें वजह, लक्षण और बचाव

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हमारा शरीर कई तरह की मौसमी बीमारियों से प्रभावित होता है। हे फीवर (Hay Fever) इसी तरह का एक बुखार है जो एलर्जी के कारण से होता है। हे फीवर की दिक्कत पेड़ और झाड़ियों के कारण होती है। दरअसल वसंत, गर्मी और पतझड़ के मौसम में चलने वाली हवाओं में कुछ ऐसे कण होते हैं, जो सांस लेने के दौरान हमारे नाक और गले में पहुंच जाते हैं। इसके बाद इन कणों से हमारे शरीर को एलर्जी हो सकती है। इस एलर्जी को हे फीवर या एलर्जिक राइनाइटिस के नाम से जाना जाता है।

हे फीवर के लक्षण
1- नाक से पानी निकलना
2- नाक बंद हो जाना
3- लगातार छींक आना
4- खांसी आना
5- आंख, नाक और गले में खुजली
6- आंखों में पानी आना
7- आंखों के नीचे काले घेरे

ऐसे करें बचावः

मुंह को ढक कर रखें
घर से बाहर निकलते समय मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढक लें। इससे बाहर हवा में फैले कण सांस लेते समय आपके शरीर के अंदर नहीं जाएंगे और एलर्जी की समस्या नहीं होगी।

धूम्रपान है हानिकारक
धूम्रपान की रोगों का कारण होता है। हे फीवर में होने वाली एलर्जी के लिए धूम्रपान जिम्मेदार होता है, क्योंकि धूम्रपान से आसपास मौजूद पराग कण आपके मुंह और नाक में प्रवेश कर जाते हैं। इसलिए धूम्रपान नहीं करना चहिए।

हर्बल टी पीएं
हे फीवर में होने वाली एलर्जी में हर्बल टी बहुत फायदेमंद होती है। इसे पीने से एलर्जी से निजात मिलती है और एनर्जी भी मिलती है। हर्बल टी में आप अदरक, काली मिर्च, तुलसी के पत्ते, लौंग व मिश्री आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

योग करें
हे फीवर से छुटकारा पाने के लिए सेतुबंधासन, कपालभाति प्राणायाम, सर्वांगासन, वीरभद्रासन और अनुलोम-विलोम करना चाहिए। ये योगासन श्वसन प्रणाली को सही रखते हैं और नाक की गंदगी को भी साफ करते हैं।

अन्य सावधानियां

  • कोशिश करें कि घर में झाडू की जगह वैक्‍यूम क्‍लीनर का इस्तेमाल करें।
  • पर्दे, चादर, बेडशीट व कालीन को समय-समय पर धूप में रखें।
  • बाल वाले जानवरों से दूर रहें। यदि पालतू जानवरों से एलर्जी है तो उन्हें घर में ना रखें।
  • एकदम गर्म से ठंडे और ठंडे से गर्म माहौल में जानें से बचें।
  • अधिक एलर्जी होने पर सुरक्ष‍ित दवाओं का प्रयोग करें और विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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